मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के स्नेह भोजन समारोह में डिजीटल मिडिया को न्यौता नही ..!
बागुल,टाके ने किया डिजिटल मीडिया से भेदभाव..मुख्यमंत्री को शिकायत,कार्रवाई की मांग
नागपुर ( विजयकुमार खवसे ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागपुर का दौरा किया. उसमें सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशक हेमराज बागुल और नागपुर जिला सूचना अधिकारी प्रवीण टाके ने पास वितरण में गड़बड़ी की । वही विधानसभा डायरी में डिजिटल मीडिया के नाम लेने का भेदभाव किया। ऐसा ही कुछ हुआ सीएम एकनाथ शिंदे के स्नेह भोजन समारोह में बागुल ने जानबूझकर डिजिटल मीडिया नौता नही दिया।बताया गया कि शिंदे ने ही कहा है कि डिजिटल मीडिया को मत बुलाओ।मगर यह बात बागुल ने झूट कही।

मंगलवार को डिजिटल मीडिया न्यूज़ पोर्टल संघ ने मुख्यमंत्री को शिकायत कर दोनों पर कार्रवाई की मांग की।अब डिजिटल मीडिया के साथ भेदभाव करना महेंगा पड़ सकता है।अब किस किसको पासेस दिए,डायरी पर जो बाकी लोगो के नाम लिखे किस आधार पर दिए गए इस संदर्भ में डिजिटल मीडिया के पत्रकार जानकारी लेंगे।
डिजिटल मीडिया के साथ भेदभाव करने सूचना एवं जनसंपर्क (प्रशासन) के महानिदेशक हेमराज बागुल और नागपुर के जिला सूचना अधिकारी प्रवीण टाके के खिलाफ पीएमओ और सीएमओ कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी गयी है और उनके निलंबन की मांग भी की गयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 दिसंबर को नागपुर आए थे। इसमें उन्होंने हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि हाईवे, नागपुर मेट्रो विस्तार परियोजना, वंदे भारत एक्सप्रेस और एम्स का उद्घाटन किया। नागपुर के सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने इन विभिन्न आयोजनों के समाचार संग्रह के लिए मीडिया प्रतिनिधियों से प्रवेश आवेदन मांगे थे।इसके लिए अखबारों, न्यूज चैनलों और न्यूज पोर्टल के प्रतिनिधियों ने आवेदन किया था। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय प्राप्त आवेदनों का सत्यापन करता है तथा समाचार पत्रों एवं समाचार चैनलों के प्रतिनिधियों को प्रेस पास जारी करता है। हालांकि हेमराज बागुल के मौखिक आदेश पर नागपुर के सूचना अधिकारी प्रवीण टाके ने न्यूज पोर्टल के प्रतिनिधियों को न्यूज गैदरिंग के लिए एंट्री देने से मना कर दिया।सीएम से लेकर पीएम तक डिजिटल मीडिया को प्राथमिकता देते है।उनके खुद के फेसबुक,ट्विटर,यूट्यूब है।लेकिन हेमराज बागुल,प्रवीण टाके ने नागपुर के डिजिटल मीडिया को महत्व नही दिया।जिसके कारण डिजिटल मीडिया के शेकडो पत्रकारों की नाराजगी है।

यहां तक कि जब यह नियम सभी न्यूज पोर्टल पर लागू होता है, तब भी प्रवीण टाके ने अपने पद का दुरुपयोग किया और आसपास के कुछ न्यूज पोर्टल के प्रतिनिधियों को अन्य न्यूज मीडिया आउटलेट्स तक पहुंच प्रदान की। एक न्यूज पोर्टल ‘IBMTV9’ ने पीएम मोदी के दौरे के लिए एंट्री के लिए आवेदन किया था. उन्होंने अपने लेटर पैड पर विधिवत आवेदन किया। उन्होंने इसे प्राप्त भी किया। सूचना अधिकारी प्रवीण टाके ने यह जानते हुए भी अपने समूह का पास दिये बिना ‘आईबीएमटीवी9’ के संवाददाता को अखबार मीडिया ‘विदर्भ की बात’ का पास दे दिया।एक नियम के रूप में, ऐसे प्रवेश नहीं दिए जाते हैं। अगर यह टिकट गलत व्यक्ति को दे दिया जाता और पीएम मोदी के कार्यक्रम में अनर्थ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होगा? यहीं पर यह गंभीर प्रश्न उठता है। पूर्व में भी कुछ पत्रकारों द्वारा देश के राष्ट्रपति को प्रतिरूपित करने का प्रयास किया गया है। इसकी गंभीरता को पीएम और सीएम ऑफिस को टारगेट के तौर पर लेना चाहिए। नागपुर जिला सूचना अधिकारी प्रवीण टाके ने कुछ अपने खास को पास देकर डायरी में नाम भी दर्ज किया है।यहां त्क उन्होंने खुद उन्हें पीएम मोदी के दौरे का पास भी दिया ।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 26 दिसंबर को शाम 7.30 बजे रामगिरी, नागपुर में पत्रकारों के लिए एक स्नेह भोजन समारोह का आयोजन किया था इस आयोजन में भी डिजिटल मीडिया को हेतुपुरसर बागुल,टाके ने किनारे रखा।लेकिन उनके खासम खास को निमंत्रण पत्र दिए।जब डिजिटल मीडिया को देना नही तो किसीको भी नही देना चाहिए।सभी के लिए कानून बराबर का हो लेकिन बागुल, टाके सरकारी नियमों के आड़ में अपना पावर बताकर गैरक़ानूनी काम करने का मामला सामने आया। नियमित पत्रकारिता करने वाले न्यूजपोर्टल के संवाददाताओं को निमंत्रण पत्र नहीं दिया। केवल आस-पास के कुछ अखबारों के प्रतिनिधियों को ही अंदर जाने की अनुमति थी। उनके पास पूरे सबूत हैं और मांग की जाती है कि मामले की जांच की जाए अब डिजिटल मीडिया के सभी रिपोर्टर नागपुर के सूचना अधिकारी के कार्यक्रम पर बहिष्कार करेंगे।जो विभाग में गड़बड़ी करते उनकी पोलखोल करेंगे।डिजिटल मीडिया को अपमानित करने वाले बागुल व टाके पर कार्रवाई की मांग डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधियों ने की है।
