भाषा के नाम पर भारी बवाल

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आदित्य ठाकरे बोले- मराठी का न हो अपमान, नहीं थोपें कोई भाषा
भड़के नितेश राणे- बोले, दाढ़ी-गोल टोपी वाले मराठी बोलते हैं क्या?
मुंबई.
मराठी भाषा को लेकर राजनीतिक दलों में घमासान तेज हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बाद शिवसेना (यूबीटी) भी सामने आई, तो नितेश राणे ने भी आग उगला। उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा का अपमान नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन लोगों पर कोई भी भाषा नहीं थोपी जानी चाहिए।

पुलिस ने दर्ज की है एफआईआर
बता दें कि मीरा रोड पर एक दुकानदार को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक दुकानदार पर सात मनसे कार्यकर्ताओं ने हमला बोला था। दुकानदार को मराठी नहीं बोलने पर थप्पड़ों से पीटा था। यह घटना एक जुलाई की है, जब ठाणे के पूर्व सांसद राजन विचारे के कार्यालय में एक मोबाइल रीचार्ज कंपनी के दो कर्मचारियों को बुलाया गया। वहां पूर्व सांसद के सामने ही उनके एक कार्यकर्ता से दोनों कर्मचारी हाथ जोड़कर और कान पकड़कर माफी मांगते दिख रहे हैं। इसके बावजूद कार्यकर्ता दोनों को थप्पड़ मारता दिखाई देता है, जबकि राजन विचारे के साथ बैठा एक और व्यक्ति यह कहता सुनाई दे रहा है कि मराठी में बोल।

यह मामला बताया जा रहा है
बताया जा रहा है कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का क्षेत्र माने जाने वाले ठाणे के पूर्व सांसद राजन विचारे का एक कार्यकर्ता किरण सावंत अपना मोबाइल रीचार्ज करवाने गया था। किसी तकनीकी कारण से मोबाइल रीचार्ज नहीं हो सका। इसी विवाद में दुकान के स्टाफ और किरण सावंत में मारपीट की नौबत आ गई थी। बाद में किरण सावंत ने स्थानीय पुलिस थाने में एफआइआर भी दर्ज कराई। आदित्य ने कहा कि उन्होंने थप्पड़ मामले में पार्टी नेता विचारे से बात की है। उन्होंने बताया कि यह घटना मराठी बोलने या न बोलने के बारे में नहीं थी। याद रहे, इससे पहले मनसे डी मार्ट और बैंक के कर्मचारियों को भी निशाना बनाया था।

राणे मनसे पर बरसे
दुकानदार की पिटाई के इस मामले पर महाराष्ट्र में राजनीति गरमाती जा रही है। बीजेपी नेता और फडणवीस सरकार में मंत्री नितेश राणे ने मनसे पर हमला बोला है। राणे ने कहा कि अगर हिन्दू भाई को पीटने वालों में दम है तो मोहम्मद अली रोड और नालबाजार जाकर अपनी ताकत दिखाएं। इनसे भी मराठी सुनाई नहीं देता। हमारी सरकार हिन्दुओं द्वारा स्थापित हिंदुत्ववादी सोच की है। इसलिए हमारे हिन्दू भाई को पिटने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होगी। मराठी नहीं बोलने पर किसी के साथ इस तरह का सलूक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन लोगों ने गरीब हिन्दुओं को मारा है।

सरकार खोलेगी तीसरी आंख
नितेश राणे ने कहा कि हमारी सरकार भी तीसरी आंख खोलेगी। राणे ने सवाल दागा कि वो जो दाढ़ी वाले और गोल टोपी वाले हैं, मराठी में बात करते हैं क्या? शुद्ध मराठी में बात करते हैं क्या? जावेद अख्तर मराठी में बात करता है क्या? आमिर खान मराठी में बात करता है क्या? उन लोगों के मुंह से मराठी निकालने की हिम्मत नहीं है, ये गरीब हिन्दुओं को क्यों मारने की हिम्मत कर रहे हो। राणे ने कहा कि ये सरकार हिन्दुओं ने बनाई है, हिन्दुत्व विचार की सरकार है। इसलिए, इस तरह की कोई भी अगर हिम्मत करेगा तो हमारी सरकार भी तीसरी आंख खोलेगी।

गर्माया है हिंदी-मराठी का मुद्दा
दरअसल, पिछले चार दिनों से महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी का मुद्दा फिर गरमाया हुआ है। प्राथमिक कक्षाओं में हिंदी पढ़ाने का विरोध किए जाने पर सरकार ने अपना यह निर्णय वापस ले लिया है। अब यह निर्णय वापस लिए जाने के बाद शिवसेना (यूबीटी) और मनसे पांच जुलाई को विजय दिवस मनाने की घोषणा कर चुके हैं। इस बीच मराठी न बोल पाने वालों के विरुद्ध शिवसेना (यूबीटी) और मनसे कार्यकर्ताओं की ओर से हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं।

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