भीम के लख्ते जिगर..!!
भीम के लख्ते जीगर, एक हो जावो अगर
कामयाबी चुमेंगी तुम्हारे कदम
ना हो मरने का डर, फौलादी हो जीगर
रोक ना पायेंगा, कोई हमारे कदम।।धृ।।
भाई भाई तुम बनके रहो साथ में
निले परचम को लहराने दो हाथ में
चाहे तलवार चले, मौत हसते मिले
मीलाते रहो तुम, कदम से कदम
ना हो मरने का डर, फौलादी हो जीगर
रोक ना पायेगा कोई हमारे कदम।।१।।
संघठन अपना मजबुत बनाओ मगर
दुनियाकोभी दिखेगा,ये इसका असर
कोई कुछभी कहे, आगे बढते रहे
आग सीनेमे जलती, रहे हरदम
ना हो मरने का डर,फौलादी हो जीगर
रोक न पायेंगा कोई हमारे कदम ।।२।।
संविधान को बचाना है, हर हाल मे
करदो दुश्मनको नाकाम हर चाल मे
जय भिम कहते रहो, सुभाष लढते रहो
दिल्लीकी ओर बढाओ, तुम्हारे कदम
ना हो मरने का डर, फौलादी हो जीगर
रोक ना पायेंगा कोई, हमारे कदम।।३।।
तर्ज : मेरे रश्के कमर…
✍️निळं पाखरु
सुभाष मानवटकर
हिंगणा नागपुर
मो. नं. ७९७२९४४७७२
