‘बदजुबान’ मंत्री को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा

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कर्नल सोफिया कुरैशी पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
नई दिल्ली.
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के दौरान विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने शाह के वकील से सवाल किया, “आपके मुवक्किल ने किस तरह का बयान दिया है? एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को संवेदनशील समय में सोच-समझकर बोलना चाहिए।”

यह है पूरा मामला?
विजय शाह ने हाल ही में एक सभा में कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में कहा था, “हमने उनकी बहन भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई।” इस बयान को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से शेयर किया गया, जिसके बाद देशभर में आक्रोश फैल गया। कर्नल सोफिया कुरैशी, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ में अहम भूमिका निभाने वाली सेना अधिकारी हैं, को लेकर इस टिप्पणी को न केवल अपमानजनक बल्कि सेना और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ माना गया।

हाई कोर्ट का सख्त रुख
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए 14 मई को पुलिस को चार घंटे के भीतर विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने शाह के बयान को “गटर स्तर का” और “कैंसर” जैसा करार देते हुए इसे शत्रुता और घृणा फैलाने वाला बताया। इसके बाद पुलिस ने भारतीय नवीन संहिता की धारा 152, 196(1)(बी), और 197(1)(सी) के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें सजा के रूप में 3 से 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में विजय शाह की याचिका
हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं और कर्नल सोफिया को “देश की बहन” मानते हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाई कोर्ट ने उन्हें सुनवाई का मौका दिए बिना आदेश पारित किया, लेकिन उनके बयान की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 16 मई को करेगा।

राजनीतिक उबाल और इस्तीफे की मांग
इस विवाद ने मध्य प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस, सपा, और बसपा सहित विपक्षी दलों ने विजय शाह के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे “महिला विरोधी मानसिकता” का उदाहरण बताते हुए शाह को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसे सेना और राष्ट्रीय एकता का अपमान बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भोपाल में शाह के बंगले पर कालिख पोतकर विरोध जताया।

विजय शाह की सफाई
विजय शाह ने कई बार माफी मांगते हुए कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया और वे कर्नल सोफिया का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं 10 बार माफी मांगने को तैयार हूं।”भाजपा ने मामले को शांत करने के लिए अपने नेताओं को कर्नल सोफिया के छतरपुर स्थित घर भेजा, जहां उन्होंने उन्हें “देश की बेटी” बताया। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि पार्टी इस मामले में संवेदनशील है और उचित कदम उठाए गए हैं।

जनता और सेना का गुस्सा
कर्नल सोफिया कुरैशी, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, को लेकर इस टिप्पणी ने जनता और सेना के बीच गुस्सा पैदा किया है। सोशल मीडिया पर शाह को ट्रोल किया गया, और कई संगठनों, जैसे मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, ने उनकी टिप्पणी को सेना और महिला सम्मान के खिलाफ बताया।

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