प्रेस परिषद के समक्ष पत्रकार विजय खवसे ने रखा पक्ष, निष्पक्ष पत्रकारिता की मांग तेज!
!झूठी खबर प्रकाशित कर मानहानी करने वाले समाचार पत्र दे खुलासा!
– नागपूर के बडे तीन अखबारो पर ठोकेगे मानहानी का दावा!
नागपुर WH NEWS – पत्रकारिता का मूल आधार सत्य, निष्पक्षता और जनविश्वास होता है। अखबारों की विश्वसनीयता बनाए रखना संपादक और रिपोर्टर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है, लेकिन यदि बिना निष्पक्ष जांच और बिना पक्ष जाने आवेश में आकर झूठी खबरें प्रकाशित की जाएं, तो यह न केवल व्यक्ति विशेष की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पत्रकारिता की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे ही कथित भ्रामक और एकपक्षीय समाचारों का मामला अब भारतीय प्रेस परिषद, नई दिल्ली तक पहुंच गया है, जहां निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग उठाई गई है।

वरिष्ठ पत्रकार एवं WH NEWS के मुख्य संपादक विजय सीताराम खवसे ने भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) दिल्ली द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण एवं दस्तावेज निर्धारित समय में परिषद को भेज दिए हैं। यह मामला लोकमत, लोकमत समाचार एवं नवभारत में प्रकाशित समाचारों को लेकर दर्ज शिकायत से संबंधित है।

प्रेस परिषद द्वारा भेजे गए पत्र में शिकायत से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, समाचार कटिंग, स्पष्टीकरण एवं पत्रकारिता आचार संहिता से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा गया था। इसके जवाब में विजय खवसे की ओर से विस्तृत निवेदन प्रस्तुत कर कहा गया है कि बिना निष्पक्ष जांच एवं बिना पक्ष जाने प्रकाशित समाचारों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है।

विजय खवसे ने अपने जवाब में उल्लेख किया है कि वे पिछले लगभग 25 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा पिछले 8 वर्षों से “WH NEWS” डिजिटल एवं वेब समाचार माध्यम का संचालन कर रहे हैं। लाखों फॉलोअर्स व करोडो लोगो तक पहुंचे हैं.उन्होंने कहा कि नागपूर में शुरु अवैध धंदे की आवाज उठाई. हमेशा जनहित, सामाजिक एवं संवैधानिक मुद्दों को उठाते हैं.जिसके कारण उनके खिलाफ दुर्भावनावश, जातीभेद भाव से नागपूर पुलीस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने आपराधिक प्रकरण दर्ज किए. तथा नवभारत, लोकमत, लोकमत समाचार पत्रों ने बिना निष्पक्ष जांच के उन्हें अपराधी के रूप में प्रस्तुत किया।जिसके कारन समाज में बदनामी हुई.
प्रेस परिषद को भेजे गए उत्तर में यह भी कहा गया है कि संबंधित समाचार पत्रों ने पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों एवं निष्पक्षता का पालन नहीं किया। बिना उनका पक्ष जाने प्रकाशित समाचार प्राकृतिक न्याय एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के विरुद्ध हैं।

खवसे की ओर से परिषद से मांग की गई है कि –
• संबंधित समाचार पत्र झूठी खबर का खुलासा करें.
• संबंधित समाचारों की निष्पक्ष जांच की जाए।दोषी पाए जाने पर उनका RNI रद्द किया जाए.
• पत्रकारिता आचार संहिता के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई हो।
• पक्षपाती एवं भ्रामक समाचारों का संज्ञान लिया जाए।
• स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।अनुसूचित जाती के पत्रकार की झूठी खबरें प्रकाशित करने पर ऍट्रॉसिटी के तहत मामला दर्ज करें.
विजय खवसे ने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत मानहानि तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रेस परिषद निष्पक्ष रूप से मामले की जांच कर उचित न्याय प्रदान करेगी। न्याय नहीं मिला तो मामला हायकोर्ट में ठोकेंगे मानहानी का दावा यह चेतावनी खवसे ने दी.
