डेढ़ लाख की रिश्वत लेते पुलिस हवलदार गिरफ्तार
गिरफ्तारी वारंट टालने के लिए पहले ही ले चुका था 5 लाख, पुणे पुलिस में एक हफ्ते में तीसरी कार्रवाई!
पुणे WH NEWS : भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में सख्त रुख अपनाने वाले पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार की कार्रवाई के बीच पुणे शहर पुलिस दल के एक और पुलिसकर्मी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (ACB) ने कोरेगांव पार्क पुलिस थाने के पुलिस हवलदार गणेश कस्पटे को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए जाल बिछाकर पकड़ा। पिछले एक सप्ताह में पुणे शहर पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों पर यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है।
गिरफ्तार पुलिस हवलदार का नाम गणेश शहाजी कस्पटे बताया गया है। वह फुरसुंगी क्षेत्र के शंकर सुमन हाइट्स में रहता है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जिस कंपनी में काम करता है, उसके मालिक के खिलाफ हैदराबाद कोर्ट में चेक बाउंस का मामला चल रहा था। इस मामले में कंपनी मालिक के खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी हुआ था। आरोप है कि उस वारंट की कार्रवाई टालने और गिरफ्तारी से बचाने के लिए गणेश कस्पटे ने पहले ही 3 मार्च 2026 को 5 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।
इसके बाद 1 मई को आरोपी हवलदार ने फिर से संपर्क कर कहा कि वारंट दोबारा वापस आया है और गिरफ्तारी टालने के लिए ढाई लाख रुपये की मांग की। कंपनी मालिक की तबीयत खराब होने के कारण शिकायतकर्ता खुद आरोपी से मिलने गया। उस दौरान कस्पटे ने गिरफ्तारी से बचाने और मदद करने के नाम पर ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में सौदेबाजी के बाद रकम 2 लाख रुपये तय हुई।
इस मामले की शिकायत 5 मई को एसीबी से की गई। जांच और सत्यापन के दौरान आरोपी ने पहले 5 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की और दोबारा रिश्वत मांगने की पुष्टि भी हुई। बाद में सौदा डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ।
इसके बाद एसीबी की टीम ने बोट क्लब रोड स्थित सुलक्स कल्पतरू गार्डन सोसायटी के सामने पान ठेले के पास जाल बिछाया। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे शिकायतकर्ता से डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते समय गणेश कस्पटे को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शिरीष सरदेशपांडे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजित पाटील और अर्जुन भोसले के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक प्रवीण निंबाळकर और उनकी टीम ने की। मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस आयुक्त भारती मोरे कर रही हैं।
शिकायतकर्ता की छाती पर काटा
कार्रवाई के दौरान जब गणेश कस्पटे को एहसास हुआ कि एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया है, तब उसने शिकायतकर्ता की छाती पर काट लिया। इतना ही नहीं, उसने टीम के अधिकारियों को धक्का देकर वहां से भागने की कोशिश भी की, लेकिन एसीबी टीम ने उसे तुरंत काबू में कर लिया।
