साइबर थाने के दो पीआई सहित नौ निलंबित, 500 रुपये के केस में वसूली का आरोप!
नागपुर WH NEWS (प्रतिनिधि):
नागपुर के साइबर पुलिस थाने में 500 रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर अवैध वसूली करने के आरोप में दो पुलिस निरीक्षकों (पीआई) समेत कुल नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
निलंबित किए गए अधिकारियों में उत्तर विभाग के निरीक्षक वलीराम सुतार, दक्षिण विभाग के निरीक्षक योगेश धारे, सहायक पुलिस निरीक्षक विजय राणे, पुलिस शिपाई प्रफुल्ल ठाकरे, सतीश वाघ, श्रीकांत गोणेकरी, सुशील चांगोले, अजय पवार और सौरभ हिवरकर शामिल हैं।
पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंघल ने यह कड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले साइबर पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़े एक मामले में मात्र 500 रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इस मामले में पुणे के एक संदिग्ध को पकड़ने के लिए टीम भेजी गई थी।
आरोप है कि संबंधित टीम ने जांच के दौरान संदिग्ध से बड़ी रकम वसूल की। जांच के लिए भेजी गई टीम ने न तो वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति ली थी और न ही स्टेशन डायरी में इसकी एंट्री की गई थी। बाद में जब टीम नागपुर लौटी, तब इस वसूली का मामला सामने आया।
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त ने जांच के आदेश दिए। जांच में धारे, राणे सहित नौ लोग दोषी पाए गए, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
वाटप को लेकर बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि वसूली गई रकम के बंटवारे को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ, जिसके चलते मामला उजागर हुआ। एपीआई राणे ने शिपाई प्रफुल्ल ठाकरे पर जानकारी उजागर करने का आरोप लगाया। इसके बाद कथित रूप से ठाकरे के साथ मारपीट भी हुई और वह दो दिन तक लापता रहा। उसके सामने आने के बाद पूरा मामला खुलकर सामने आया।
अब इस मामले को लेकर पुलिस विभाग में व्यापक चर्चा हो रही है और आगे भी कुछ और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
