मामला पत्रकार विजय खवसे पर फर्जी FIR का..!
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की नागपुर पुलिस पर सख्ती
लगातार चौथी बार नोटिस जारी , 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी!
-आखिर पुलीस आयुक्त क्यों नहीं भेज रहें आयोग को रिपोर्ट?
-कारवाई नहीं की गई तो मामला जायेंगा हायकोर्ट -खवसे
नागपुर WH NEWS :पत्रकार विजय खवसे पर फर्जी FIR मामला अब और तुल पकड रहा हैं.
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने नागपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय को एक बार फिर कड़ा नोटिस जारी करते हुए मामले में 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग द्वारा यह “Reminder-3” जारी किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि पूर्व में भेजे गए नोटिसों के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा आयोग को अपेक्षित रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई।आखिर नागपूर पुलीस आयुक्त आयोग को रिपोर्ट क्यों नहीं भेज रहें यह सवाल अब आयुक्त रवींद्र सिंघल पर उठ रहा हैं.

आयोग के पत्र क्रमांक APCR/OL/MH/2026/325603 दिनांक 13 मई 2026 के अनुसार, इस प्रकरण में इससे पूर्व 04 मार्च 2026, 06 अप्रैल 2026 तथा 23 अप्रैल 2026 को भी नोटिस एवं रिमाइंडर जारी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके आयोग को अब तक पुलिस आयुक्त नागपूर की ओर से कोई संतोषजनक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।जिसके कारन आयोग ने नाराजगी व्यक्त की हैं. बार बार नोटीस देने के बाद जवाब नहीं दिया गया.

यह मामला “APCR – Inaction by Police” विषय से संबंधित बताया गया है, जिसमें शिकायतकर्ता पत्रकार विजय सीताराम खवसे द्वारा पुलिस कार्रवाई में लापरवाही एवं निष्क्रियता को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाती आयोग में शिकायत प्रस्तुत की गई थी।

आयोग ने अपने ताज़ा आदेश में नागपुर पुलिस आयुक्त को निर्देशित किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराई जाए।
लगातार जारी हो रहे नोटिसों से यह मामला अब प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर गंभीर होता दिखाई दे रहा है। सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों में भी इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शिकायतकर्ता विजय खवसे ने कहा कि वे न्यायिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया पर विश्वास रखते हैं तथा आयोग से निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा करते हैं।इस मामले को आयोग ने गंभीरतासे लिया हैं. पुलीस आयुक्त रवींद्र सिंघल पर कारवाई नहीं की गई तो मामला हायकोर्टा में दायर करने की चेतावनी पत्रकार विजय खवसे ने दी.
