स्वाती बंगले के अवैध निर्माण को लेकर हलचल तेज, पुलिस जांच के बीच मंजूर नक्शा और अग्निशमन NOC पर उठाया सवाल!
– पूर्व नगरसेवक जनार्दन मून ने प्रशासन से की स्थल निरीक्षण और निर्माण संबंधी दस्तावेजों की जांच की मांग..पत्रकार परिषद में उठाया सवाल!
नागपुर | WH NEWS
नागपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित पत्रकार क्लब ऑफ नागपुर कंपनी के कब्जे वाली शासकीय संपत्ति स्वाती बंगला क्रमांक 64/1 एवं उससे संलग्न भूमि पर कथित अवैध निर्माण गतिविधियों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। उक्त भूमि के अधिकार, विकास अनुबंध की वैधता, निर्माण के स्वीकृत नक्शे तथा अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) को लेकर पूर्व नगरसेवक जनार्दन मून ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से जांच की मांग शनिवार को आयोजित पत्रकार परिषद में की है।

इस संबंध में मून ने विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, सीताबर्डी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक तथा नागपुर महानगरपालिका के नगर रचना विभाग को लिखित निवेदन सौंपा है। शिकायत में उठाए गए मुद्दों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक जांच के बाद ही संबंधित तथ्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस जांच के बीच परिसर में टिन की चादरें लगाने पर सवाल!
जनार्दन मून के निवेदन के अनुसार, स्वाती बंगले से संबंधित शिकायत पर सीताबर्डी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। उनका दावा है कि पुलिस ने हाल ही में उनका बयान भी दर्ज किया है।
मून के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2026 को स्वाती बंगले की परिसर दीवार के आसपास ऊंची टिन की चादरें लगाई गईं। इस घटनाक्रम के बाद उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या संबंधित परिसर में प्रस्तावित निर्माण कार्य के लिए प्रारंभिक गतिविधियां शुरू की जा रही हैं?
उन्होंने यह भी सवाल किया है कि जब मामले की पुलिस जांच जारी है और संबंधित प्रेस क्लब के नौ संचालकों के बयान एवं जांच की प्रक्रिया पूरी होने की बात सामने नहीं आई है, तब परिसर में बदलाव करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
मून ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर यह स्पष्ट किया जाए कि परिसर में किस उद्देश्य से टिन की चादरें लगाई गई हैं और क्या वहां किसी निर्माण कार्य की तैयारी की जा रही है।हालांकि, परिसर में टिन की चादरें लगाए जाने मात्र से किसी अवैध निर्माण की पुष्टि नहीं होती। इसकी वैधता संबंधित अनुमति, स्वीकृत नक्शे और अन्य आधिकारिक अभिलेखों की जांच के आधार पर ही निर्धारित की जा सकती है।
अग्निशमन विभाग की NOC को लेकर उठाए सवाल!
शिकायत में पत्रकार क्लब ऑफ नागपुर की इमारत के निर्माण के लिए महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाने की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
<मून ने अपने निवेदन में 21 सितंबर 2026 के एक पत्र का हवाला देते हुए संबंधित परियोजना के लिए अग्निशमन विभाग की NOC की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से यह जांचने का आग्रह किया है कि भवन निर्माण और उसके उपयोग के लिए लागू नियमों के अनुसार आवश्यक अग्निसुरक्षा संबंधी मंजूरियां प्राप्त की गई हैं या नहीं।
इस मामले में अग्निशमन NOC उपलब्ध नहीं होने का दावा शिकायतकर्ता की ओर से उठाया गया मुद्दा है। इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग के अभिलेखों से होना आवश्यक है।
निर्माण का स्वीकृत नक्शा कहां है?
निर्माण अनुमति को लेकर भी निवेदन में महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं।
जनार्दन मून के अनुसार, महानगरपालिका के नगर रचना विभाग में सहायक नगर रचनाकार श्री कापसे द्वारा ऑनलाइन प्रणाली की जांच किए जाने पर संबंधित परियोजना का निर्माण नक्शा स्वीकृत नहीं होने की जानकारी दिए जाने का उल्लेख उनके निवेदन में है।
इस आधार पर उन्होंने प्रशासन से संबंधित भूमि एवं भवन के लिए स्वीकृत निर्माण नक्शे, निर्माण अनुमति तथा विकास संबंधी अन्य मंजूरियों की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
यदि आवश्यक अनुमतियां प्राप्त नहीं की गई हैं या निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा लागू कानूनों एवं नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने का प्रश्न उठ सकता है।
शासकीय भूमि और विकास अनुबंध की वैधता की जांच की मांग!
स्वाती बंगले से संबंधित भूमि के अधिकारों और विकास प्रक्रिया को लेकर भी शिकायतकर्ता ने संदेह व्यक्त किया है।
मून ने अपने निवेदन में आरोप लगाया है कि संबंधित भूमि की प्रक्रिया में कथित धोखाधड़ी या शासन को गुमराह किए जाने की आशंका की जांच की जानी चाहिए।
उनके अनुसार, इस संबंध में 21 अगस्त 2026 को सीताबर्डी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 25 सितंबर 2026 को एक पूरक शिकायत भी प्रस्तुत की गई।
मून का दावा है कि पहली शिकायत वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाए जाने तथा मानहानि संबंधी आरोपों के कारण मानसिक परेशानी होने का मुद्दा भी पूरक शिकायत में उठाया गया है।
उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित भूमि के स्वामित्व, उसके शासकीय संपत्ति होने की स्थिति, विकास अनुबंध तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों की वैधता की जांच करने की मांग की है।
उक्त आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना अभी आवश्यक है। केवल शिकायत दर्ज होने के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं माना जा सकता।
15 अक्टूबर के पुलिस पत्र का भी दिया हवाला!
मून ने अपने निवेदन में सहायक पुलिस आयुक्त, सीताबर्डी विभाग द्वारा 15 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र का भी उल्लेख किया है।
उन्होंने संबंधित शिकायतों की जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने तथा जांच प्रक्रिया में की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने शिकायतकर्ता की सुरक्षा से संबंधित आवश्यक पहलुओं पर भी ध्यान देने की मांग की है।
जनार्दन मून की प्रमुख मांगें
पूर्व नगरसेवक जनार्दन मून ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से निम्नलिखित कार्रवाई करने की मांग की है:
1. स्वाती बंगला परिसर का तत्काल प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाए।
2. संबंधित भूमि और भवन के स्वीकृत निर्माण नक्शे तथा निर्माण एवं विकास अनुमतियों की जांच की जाए।
3. अग्निशमन विभाग की NOC की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की जाए।
4. भूमि के स्वामित्व, शासकीय संपत्ति की स्थिति और विकास अनुबंध की वैधता की जांच की जाए।
5. यदि किसी प्रकार का अनधिकृत निर्माण या नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो लागू कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
6. पुलिस में दर्ज शिकायतों की जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए तथा आवश्यकतानुसार शिकायतकर्ता की सुरक्षा के संबंध में कदम उठाए जाएं।
7. संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें !
स्वाती बंगले से संबंधित यह मामला शासकीय संपत्ति के उपयोग, निर्माण संबंधी अनुमतियों और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े सवाल खड़े करता है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर निर्माण संबंधी दस्तावेजों की जांच करते हैं या नहीं और शिकायत में उठाए गए सवालों पर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हैं।
जनार्दन मून द्वारा 23 अक्टूबर 2026 को सौंपे गए निवेदन के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
