स्टैम्प पेपर का दुरुपयोग: कार्रवाई कौन करेगा? मुद्रांक विभाग या पुलिस?
हिंगणा (गजानन ढाकुलकर): कोतेवाड़ा सुमठाना समूह ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा अपने जन्मदिन के अवसर पर नागरिकों का आभार व्यक्त करने के लिए 100 रुपये के स्टैम्प पेपर का उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने कानूनी बहस को जन्म दिया है कि क्या इस प्रकार निजी संदेश के लिए स्टैम्प पेपर का उपयोग वैध है या नहीं।
कानून के अनुसार, Indian Stamp Act, 1899 के तहत स्टैम्प पेपर का उपयोग मुख्यतः अनुबंध, शपथपत्र और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों के लिए निर्धारित है। ऐसे में व्यक्तिगत संदेश या शुभकामनाओं के लिए इसका उपयोग नियमों के अनुरूप नहीं माना जाता और इसकी जांच आवश्यक मानी जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में प्रारंभिक अधिकार मुद्रांक (Stamp) विभाग का होता है। जिला मुद्रांक अधिकारी या उप-पंजीयक द्वारा मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, यदि जांच में यह सामने आता है कि स्टैम्प पेपर का उपयोग किसी प्रकार की धोखाधड़ी, अनुचित लाभ या सरकारी दस्तावेज के जानबूझकर दुरुपयोग के लिए किया गया है, तो Indian Penal Code के तहत मामला दर्ज कर पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है।
फिलहाल, इस मामले में प्रथम दृष्टया मुद्रांक विभाग द्वारा जांच की अपेक्षा की जा रही है। इसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। ऐसे में “कानूनी दस्तावेज का निजी उपयोग” पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
