अनुसूचित जाति आयोग का नागपुर पुलिस को चौथा नोटिस, बढ़ी अधिकारियों की मुश्किलें!
– बिना जांच आयोग को भेजी रिपोर्ट? विजय खवसे की शिकायत पर फिर हरकत में आयोग !
– आयोग ने माना शिकायतकर्ता का पक्ष, पुलिस आयुक्त से दोबारा मांगा जवाब!
– न्याय नहीं मिला तो कोर्ट जाएंगे विजय खवसे, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल!
– एक ही मामले में चार नोटिस, नागपुर पुलिस की कार्यशैली पर आयोग सख्त!
नागपुर | WH NEWS प्रतिनिधि
नागपुर पुलिस आयुक्त की कथित निष्क्रियता के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए नागपुर पुलिस आयुक्त को चौथा नोटिस जारी किया है। शिकायतकर्ता विजय सीताराम खवसे ने आरोप लगाया है कि पुलिस आयुक्त कार्यालय ने आयोग को बिना किसी निष्पक्ष जांच के रिपोर्ट भेज दी। इसके बाद उन्होंने आयोग से दोबारा जांच कराने की मांग की, जिसे आयोग ने स्वीकार करते हुए पुलिस आयुक्त से पुनः विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

आयोग ने पुलीस आयुक्त को फिर भेजा नोटीस.. मांगा दोबारा रिपोर्ट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने 4 मार्च 2026 को पहला नोटिस, 6 अप्रैल 2026 को रिमाइंडर नोटिस, इसके बाद अन्य पत्राचार करते हुए 5 जून 2026 को री-जॉइंडर नोटिस जारी किया है। एक ही मामले में आयोग द्वारा लगातार नोटिस जारी किए जाने से यह स्पष्ट होता है कि आयोग इस प्रकरण को गंभीरता से ले रहा है।
विजय खवसे का कहना है कि पुलिस विभाग ने आयोग को जो रिपोर्ट भेजी, वह बिना किसी वास्तविक जांच के तैयार की गई थी। न तो शिकायतकर्ता का पक्ष ठीक से सुना गया और न ही मामले की निष्पक्ष जांच की गई। उन्होंने आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि आयोग को भेजी गई रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित नहीं है।
खवसे की आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने नागपुर पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल को निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर पैरा-वाइज टिप्पणी (Para-wise Comments) और तथ्यात्मक रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर आयोग को भेजी जाए।
“न्याय नहीं मिला तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे”
विजय खवसे ने स्पष्ट कहा है कि यदि आयोग के हस्तक्षेप के बाद भी निष्पक्ष जांच नहीं होती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तो वे इस मामले को न्यायालय में ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की जाएगी।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल!
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा बार-बार नोटिस जारी किए जाने से नागपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस आयुक्त कार्यालय आयोग को क्या जवाब देता है और आयोग आगे क्या कार्रवाई करता है।
